माजून लबूब - -
यह माजून शरीर में शहवत पैदा करती है सख्ती पैदा करती है।
गुर्दे को खूब ताकत बख़शती है मसाना की पत्थरी को निकाल देती है बड़ी मुजर्रब है।
मग़ज़ बादाम,मगज़ पिसता
मग़ज़ कन्दक kand ke bij
मगज नारजील naryal ka guda
मगज चिलगोज़ा,
मगज हुब्बुल खिजर, arand ke bij
मग़ज़ जूलम, jaamphal ke bij
कन्जुद , til ke bij chile bager
तोदरी ज़र्द व सुर्ख, हलीम के बीज
तुखुम शलजम,
तुखुम असपत, इसबगोल का बीज
तुखुम प्याज़,
लिसानुल, चिड़ीजीभ दाना असाफीर,
तुखुम अंजीरह,
खश ख़ाश सफेद,
जन्जबील, अदरक
काली मिर्च
कबाबा, कबाब चीनी
बहमन सुर्ख,
दार चीनी,
शफ़ाकल, शतावर / शतावरी
खोलन्जान, खुलंजन / कुलंजन (Galangal)
हलीबन , हींग
छः छः दिरम. 20 gram
शहद ज़रूरत भर । कुछ हकीम इस में तुखुम इंजीरह नहीं डालते क्योंकि इसमें एक प्रकार का ज़हर होता है।
एक और हकीम का कहना है कि मैंने कई बार तजुरबा किया है कि मर्दाना ताक़त के मामले में खुसियातुस्सालब के बाद अंजीरह के सिवा और कोई चीज़ ऐसी नहीं है जिसकी इतनी अधिक तासीर हो लेकिन गाय का ताज़ा दूध तीन दिन तक लगातार पिएं और मिन्हाज के लेखक ने लिखा है कि हबे मुसलस के साथ खाएं तो मर्दाना कुव्वत अधिक पैदा करता है मगर उसके जहर की काट व उसके दुष्टपरिणामों का सुधार दूध से होता है । कहने का मतलब यह है कि इस माजून में से एक मिश्क़ाल से दो दिरम तक खाएं। इस माजून का वज़न 168 दिरम है इसका मिज़ाज गर्म व खुश्क है।
No comments:
Post a Comment