मर्दाना ताकत अर्थात कुव्वते बाह के लिए यहां उन एकाकी (मुफरद ) अर्थात अकेली दवाओं का उल्लेख किया जा रहा है जो अपने अन्दर बड़ी विशेषताएं रखती हैं जिनके सेवन से मर्दाना ताकत बढ़ती है तथा संभोग करने में अधिक आननद हासिल होता है। ये गुणों वाली दवाएं हकीम बू अली सीना की किताबों के अध्ययन के बाद ली गयी हैं ।
मूली - इसे यदि बराबर खाते रहें तो ताक़त में वृद्धि व तेज़ी पैदा होती रहेगी । इसके इस्तेमाल से मनी अधिक बनेगी। यदि मूली को शकर के साथ खाया करें तो और भी अधिक लाभकारी है।
अलसी - इसके कई फायदे हैं। हकीम जालीनूस का कहना है कि इसका इस्तेमाल मनी को गाढ़ा बनाता है इसके खाने से लिंग में तेजी व सख़्ती पैदा हो जाती है ।
हब्बुल खिज़रा (Kasni (Chicory / Cichorium intybus) ke beej hote hain.) - इसे शकर के साथ खाने से मनी ज़्यादा पैदा होती है और तेज़ी भी पैदा हो जाती है। इसके इस्तेमाल से मर्द व औरत की शहवत ज़ोर करने लगती है ।
तिल - यदि इनका छिलका उतार कर और इनको भून कर शकर के साथ इस्तेमाल करें तो मनी ज़्यादा पैदा होती है।
चना - कुव्वते बाह के लिए चना बहुत ही अधिक लाभकारी है। कुछ हकीमों ने कहा है कि चने को इन्सान के शरीर से बड़ी अच्छी निसबत है और कुछ का कहना है कि चने को एक दिन रात तक पानी में तर रख कर सुबह को वह पानी पी लिया करें तो बड़ी तेजी व सख़्ती पैदा हो जाती है इसके इस तरह इस्तेमाल से कमर मज़बूत होती है। कुछ कहते हैं कि दो रात दो दिन तर करके पिया करें। कुछ के निकट काले चने ज़्यादा ताकतवर होते हैं कुछ कहते हैं कि सफेद चने अधिक ताक़त वाले होते हैं।
लोबिया - यह भी चने के जैसे ही गुण रखता है। इसके अन्दर भी मर्दाना ताकत को बढ़ाने की विशेषता है इसका इस्तेमाल इन्सान को ताकत वर बना देता है।
दारचीनी - इसके लगातार इस्तेमाल से तेज़ी व सख़्ती पैदा हो जाती है और वासना में उत्तेजना पैदा होती है और रंगों को भी फायदा पहुंचाती है। की सख़्ती व तेज़ी और लिंग की सख्ती व तेज़ी में वृद्धि महसूस होगी यह बड़ी हद तक आज़मायी गयी चीज है।
दार फुल फ़िल (kali mirch ) - इसके इस्तेमाल से भी सख्ती व तेजी पैदा होती हैतथा यह बड़ी तासीर वाली दवा है । मेथी - मेथी का इस्तेमाल भी मर्दाना ताकत की प्रगति लिए बड़ा लाभकारी है। इसको पीस कर दूध के साथ लेने से कुव्वते बाह में वृद्धि होने लगती है ।
लहसुन - इसके इस्तेमाल से मनी ढीली होती है तथा इसके बार बार इस्तेमाल से गुर्दे को गर्मी पहुंचती है लेकिन इसका इस्तेमाल नज़र को कमज़ोर करता है ।
मोम साफी(शहद की मक्खी का मोम)- कहते हैं कि यदि इसकी छोटी छोटी गोलियां बना कर निगल लिया करें तो शहवत बड़ी अधिक लाती है।
अबरीशम - इसके खाने से शहवत बहुत जोर करती है और इसके खाने के कई तरीके हैं। कुछ लोग तो इसे जलाकर खाते हैं कुछ इसे जोश देकर इसका शीरा पीते हैं। कुछ इसे कतर कतर कर खाते हैं और आज कल इसका रिवाज ज़्यादा है और यही तरीका सबसे अच्छा है।
खुसिया (फोता) - हर जानवर का फोता (अंडा) शहवत को बढ़ाने में अपना जवाब नहीं रखता। खास तौर से जवान बैल और मुर्ग का फोता तो बड़ा ही तासीर रखने वाला होता है।
लिसानुल असाफीर - इसका इस्तेमाल मनी को गाढ़ा करता है तथा मर्दाना ताक़त को बढ़ाता है।
ज़ीरा किरमानी - इसे ठीक तरीके से इस्तेमाल करने की ज़रूरत है अर्थात न तो ज़्यादा खाया जाए न बिल्कुल कम बल्कि एक हद के साथ इसका इस्तेमाल किया जाए। इसके इस्तेमाल से रुकावट में देरी होती है। इसका ज़्यादा इस्तेमाल मनी को सुखा देता है। इसे पीस कर लिंग पर लगाने से उसमें सख्ती आ जाती है।
मस्तगी इसके इस्तेमाल करने से मर्दाना ताक़त बढ़ जाती है। इसका तेल लिंग पर लगाने से उसमें सख्ती व तेजी आ जाती है ।
फ़िलफ़िल (Pepper)- तेज़ी को बढ़ाती है खुश्क ताकत को हरकत में लाती है। ख़ास तौर से इसका बीज बड़ा ही लाभकारी है ।
ज़ाफ़रान ख़रासानी - इसका इस्तेमाल शहवत को उत्तेजित कर देता है यह ताकत में वृद्धि कर देती है ।
सुम्बुल खुशबूदार जड़ - रूमी हो या हिन्दी इसका इस्तेमाल हर हालत में शहवत को बढ़ाता है और रुकावट में मदद करता है खास कर अंगूर के पत्तों के साथ इसे खाने से अधिक असर दिखाता है।
प्याज़ - फुजली रतूबत के सबब मुबाशरत के समय मदद देती है । इसका बीज़ भी बड़ा लाभकारी है। इसे रोज़ कच्चा खाने से ताक़त में वृद्धि हो जाती है।
आँवला - इसका इस्तेमाल भी कुव्वते बाह को फायदा पहुंचाता है तथा ठहराव में मदद करता है।
गज़र - इसका बीज अधिक शहवत लाता है। यदि इसकी जड़ को आग में भून कर थोड़ी सी ज़न्जबील के साथ खाएं तो संभोग के समय बड़ी ही अजीब तासीर पायी जाती है।
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